भाकियू जिलाध्यक्ष का बड़ा फैसला, बिसवां-लहरपुर की तहसील कार्यकारिणियां भंग
भाकियू जिलाध्यक्ष का बड़ा फैसला, बिसवां-लहरपुर की तहसील कार्यकारिणियां भंग
भाकियू जिलाध्यक्ष का बड़ा फैसला, बिसवां-लहरपुर की तहसील कार्यकारिणियां भंग
दीपेंद्र भदौरिया, ब्यूरो चीफ
सीतापुर। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मयंक सिंह चौहान (विवेक) ने शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर जिले की दो तहसीलों की कार्यकारिणी तत्काल प्रभाव से भंग कर दी है। मंगलवार को जारी आवश्यक सूचना के अनुसार बिसवां और लहरपुर तहसील की संपूर्ण कार्यकारिणी 18 अगस्त 2026 को भंग की गई है।
जिलाध्यक्ष की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि जब तक नई कार्यकारिणी का गठन नहीं हो जाता, तब तक संबंधित तहसील के अंतर्गत तहसील और ब्लॉक के पदाधिकारियों द्वारा कोई भी ज्ञापन नहीं लिया जाएगा। साथ ही 18 अगस्त के बाद नई कार्यकारिणी के गठन से पहले यदि बिसवां या लहरपुर तहसील व ब्लॉक के किसी पदाधिकारी द्वारा कोई ज्ञापन प्रेषित किया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी संगठन की नहीं होगी।
सूचना में स्पष्ट किया गया है कि ऐसी स्थिति में संबंधित ज्ञापन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। संगठन ने इस संबंध में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, संबंधित उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, क्षेत्राधिकारी और खंड विकास अधिकारियों को भी प्रतिलिपि भेजकर अवगत कराया है।
बिसवां तहसील के साथ सकरन और रेउसा के खंड विकास अधिकारियों को भी सूचना भेजी गई है। वहीं लहरपुर तहसील के संबंध में लहरपुर, बेहटा, हरगांव और परसेंडी के खंड विकास अधिकारियों को प्रतिलिपि भेजी गई है।
भाकियू जिलाध्यक्ष मयंक सिंह चौहान ने कहा कि नई कार्यकारिणी के गठन तक भंग की गई दोनों तहसील कार्यकारिणियों के पदाधिकारियों की ओर से संगठन के नाम पर की जाने वाली गतिविधियों को संगठन की स्वीकृति नहीं माना जाएगा।
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