*लार सीएचसी में बदहाली पंजीकरण काउंटर पर लंबी कतारें, बाहर से जांच कराने को मजबूर मरीज*
अस्पताल में ओपीडी के दौरान डॉ. विशाल यादव और डॉ. एस.एन. सरस्वती मरीजों का उपचार करते दिखे।
*लार सीएचसी में बदहाली पंजीकरण काउंटर पर लंबी कतारें, बाहर से जांच कराने को मजबूर मरीज*
संवाददाता सलेमपुर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लार में मंगलवार को अव्यवस्थाओं का आलम देखने को मिला। अस्पताल परिसर में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी, लेकिन बदहाल व्यवस्थाओं के कारण इलाज के लिए पहुंचे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम में बदलाव के कारण खांसी और जुकाम से पीड़ित मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही, जिसके चलते पंजीकरण काउंटर पर सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं और मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
अस्पताल में ओपीडी के दौरान डॉ. विशाल यादव और डॉ. एस.एन. सरस्वती मरीजों का उपचार करते दिखे। वहीं, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अतुल कुमार किसी आधिकारिक बैठक के सिलसिले में जिला मुख्यालय गए हुए थे।
अस्पताल परिसर में निजी व बिना पंजीकृत अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी सेंटरों से जुड़े दलालों की सक्रियता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि ये लोग सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आ रहे भोले-भाले मरीजों को बरगलाकर अपने निजी केंद्रों पर जांच कराने के लिए ले जा रहे हैं।
पैथोलॉजी में एसी खराब, सेवाएं ठप
सीएचसी की पैथोलॉजी लैब में एसी (एयर कंडीशनर) न होने के कारण जांच करने वाली संवेदनशील मशीनें सुचारु रूप से काम नहीं कर पा रही हैं। इस तकनीकी खराबी की वजह से अस्पताल में पैथोलॉजी सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हैं और मरीजों को मजबूरन बाहर की निजी लैब में महंगे दामों पर जांच करानी पड़ रही है।
अधीक्षक पर डीएम के निर्देशों का असर नहीं
प्रदेश में दूसरा स्थान रखने का दावा करने वाला लार सीएचसी दोपहर दो बजे के बाद लगभग प्रभारी विहीन हो जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अधीक्षक सीएचसी परिसर में बने सरकारी आवास में भी नहीं ठहरते हैं। गौरतलब है कि कुछ ही दिनों पूर्व जिलाधिकारी ने लार सीएचसी अधीक्षक को परिसर स्थित आवास में ही निवास करने के सख्त निर्देश दिए थे, लेकिन धरातल पर इन आदेशों का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।
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