कपूर कैफे पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: नजूल जमीन के छह भूखंडों पर उठे सवाल, 15 दिन में मांगा जवाब,जवाब नहीं तो खाली कराया जाएगा कब्जा
छह नजूल भूखंडों के अंशभाग पर कैफे संचालित होने का दावा; 1992 और 2001 के किरायेदारी वादों का भी नोटिस में जिक्र
कपूर कैफे पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: नजूल जमीन के छह भूखंडों पर उठे सवाल, 15 दिन में मांगा जवाब,जवाब नहीं तो खाली कराया जाएगा कब्जा
छह नजूल भूखंडों के अंशभाग पर कैफे संचालित होने का दावा; 1992 और 2001 के किरायेदारी वादों का भी नोटिस में जिक्र
दीपेंद्र भदौरिया, ब्यूरो चीफ
सीतापुर। शहर के सिविल लाइन स्थित कपूर कैफे पर नजूल भूमि को लेकर नगर पालिका परिषद ने शिकंजा कस दिया है। नगर पालिका ने नियम 74 नजूल मैनुअल के तहत कैफे संचालक आनंद प्रकाश कपूर को नोटिस जारी किया है। इसमें नोटिस प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर कथित अवैध कब्जा खाली कराने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
नगर पालिका की ओर से 8 सितंबर 2026 को जारी नोटिस में कहा गया है कि कपूर कैफे नजूल भूखंड संख्या 1370, 1371, 1372, 1373, 1374 और 1375 के अंशभाग पर निर्मित है। नगर पालिका के मुताबिक संबंधित भूमि नजूल श्रेणी में दर्ज है और इसका स्वामित्व राज्य सरकार का है। नोटिस में नजूल फार्म-45 का हवाला देते हुए कहा गया है कि संबंधित भूखंडों के पट्टेदार कॉलम में किसी व्यक्ति के नाम का अंकन नहीं है और लगान के कॉलम में भी लगान दर्ज नहीं पाया गया।
नजूल रिकॉर्ड में छह भूखंड, पुराने उपयोग का भी उल्लेख
नोटिस में छहों भूखंडों के क्षेत्रफल और अभिलेखों में दर्ज पुराने उपयोग का विवरण दिया गया है। इनमें कुछ भूखंडों के संबंध में पुलिस उपयोग, कोतवाली और बावर्ची खाना आदि का उल्लेख किया गया है। नगर पालिका ने अभिलेखों के आधार पर संबंधित भूमि को नजूल भूमि बताते हुए कैफे संचालन को कथित अतिक्रमण की श्रेणी में रखा है।
किरायेदारी के दो मुकदमों का भी हवाला
नगर पालिका के नोटिस में किरायेदारी वाद संख्या 193/1992 और 450/2001 का भी उल्लेख किया गया है। नोटिस के अनुसार इन मुकदमों में कैफे संचालक की ओर से स्वयं को पुलिस अधीक्षक सीतापुर का किरायेदार अंकित किए जाने का उल्लेख है।
नगर पालिका ने नोटिस में सवाल उठाया है कि जब संबंधित भूखंड नजूल भूमि के रूप में दर्ज हैं और उनका प्रबंधन नगर पालिका परिषद के अधीन है, तो ऐसी स्थिति में पुलिस अधीक्षक सीतापुर द्वारा उक्त भूमि को किराये पर दिए जाने का अधिकार किस आधार पर था।
15 दिन में दस्तावेज नहीं तो कार्रवाई
नगर पालिका ने कैफे संचालक को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया है। नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित अवधि में साक्ष्यों सहित जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो कथित अवैध कब्जा खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में होने वाला खर्च भी नियमानुसार संबंधित से वसूल किए जाने की बात कही गई है।
नोटिस की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष, अपर जिलाधिकारी/प्रभारी अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर और क्षेत्राधिकारी नगर को भी भेजी गई है।
अब पूरे मामले में कैफे संचालक की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज और जवाब पर नजर रहेगी। नगर पालिका की कार्रवाई आगे किस दिशा में बढ़ती है, यह 15 दिन की समय-सीमा पूरी होने के बाद साफ होगा।
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