बाउंड्रीवाल बनी नहीं, 5.20 लाख का भुगतान; एलिया विकास खण्ड में एक ही फर्म को कई काम

बाउंड्रीवाल बनी नहीं, 5.20 लाख का भुगतान; एलिया विकास खण्ड में एक ही फर्म को कई काम

Aug 26, 2026 - 16:25
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बाउंड्रीवाल बनी नहीं, 5.20 लाख का भुगतान; एलिया विकास खण्ड में एक ही फर्म को कई काम

बाउंड्रीवाल बनी नहीं, 5.20 लाख का भुगतान; एलिया विकास खण्ड में एक ही फर्म को कई काम

हरगांव में निर्माण कार्य पर सवाल, एडवेनिया ग्रंट में एक ही फर्म को लगातार भुगतान

दीपेंद्र भदौरिया, ब्यूरो चीफ

सीतापुर/हरगांव,एलिया। सीतापुर जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर किए जा रहे भुगतान को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विकासखंड हरगांव की ग्राम पंचायत सुल्तानपुर में कंपोजिट विद्यालय की बाउंड्रीवाल निर्माण के नाम पर मनरेगा से 5,20,093.53 रुपये खर्च किए जाने के बावजूद मौके पर निर्माण नहीं होने का मामला सामने आया है। प्रकरण में तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी लवकुश भारती के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ग्राम विकास अधिकारी भानु प्रताप रावत की तहरीर पर मंगलवार देर शाम रिपोर्ट दर्ज की गई। वर्ष 2022 में लवकुश भारती ग्राम पंचायत सुल्तानपुर में तैनात थे। इसी दौरान बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए मनरेगा योजना से उक्त धनराशि का भुगतान किया गया। आरोप है कि मौके पर बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं कराया गया, जबकि अभिलेखों में धनराशि खर्च दर्शाई गई। कार्य से संबंधित पत्रावली उपलब्ध न होने की बात भी सामने आई है।

प्रभारी निरीक्षक आनंद नारायण त्रिपाठी ने बताया कि मामले में आईपीसी की धारा 409 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस भुगतान संबंधी अभिलेखों, मनरेगा पत्रावली और मौके पर निर्माण की स्थिति की जांच कर रही है।

*एडवेनिया ग्रंट में एक ही फर्म को कई कामों का भुगतान*

वहीं, विकासखंड एलिया की ग्राम पंचायत एडवेनिया ग्रंट में एक ही फर्म RATI TRADING COMPANY को अलग-अलग प्रकृति के कार्यों के लिए लगातार भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार फर्म को मिट्टी-रोड़ा, नालियों पर पत्थर, हैंडपंप सामग्री, हैंडपंप मरम्मत, पंचायत भवन मरम्मत और कंप्यूटर रिपेयरिंग जैसे कार्यों के लिए भुगतान किया गया।

मामले में सवाल उठ रहा है कि अलग-अलग तकनीकी प्रकृति के कार्यों के लिए एक ही फर्म का चयन किस आधार पर किया गया। फर्म के GST, पैन, पंजीकरण, व्यवसाय की प्रकृति और संबंधित कार्यों के लिए आवश्यक पात्रता की जांच की मांग उठ रही है। साथ ही वर्क ऑर्डर, कोटेशन, बिल, वाउचर, स्टॉक रजिस्टर, माप पुस्तिका और कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र की जांच तथा मौके पर भौतिक सत्यापन जरूरी है।

इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी प्रीति आर्या से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।वहीं एडीओ पंचायत एलिया मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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