हाईकोर्ट के आदेश के बाद गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज का प्रबंधन बहाल, डॉ. कमल जैन पुनः बने प्रबंधक

लंबे समय से चल रहे प्रबंधन विवाद में मिली बड़ी कानूनी राहत, विद्यालय की संचालन व्यवस्था होगी दुरुस्त

Sep 08, 2026 - 00:22
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज का प्रबंधन बहाल, डॉ. कमल जैन पुनः बने प्रबंधक
हाईकोर्ट के आदेश के बाद गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज का प्रबंधन बहाल, डॉ. कमल जैन पुनः बने प्रबंधक

हाईकोर्ट के आदेश के बाद गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज का प्रबंधन बहाल, डॉ. कमल जैन पुनः बने प्रबंधक

लंबे समय से चल रहे प्रबंधन विवाद में मिली बड़ी कानूनी राहत, विद्यालय की संचालन व्यवस्था होगी दुरुस्त

सीतापुर/सिधौली। श्री गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज, सिधौली के प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बीच उच्च न्यायालय के आदेश से विद्यालय प्रबंधन समिति को बड़ी कानूनी राहत मिली है। न्यायालय के आदेश के बाद पूर्व प्रबंधन व्यवस्था को बहाल किए जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इसी क्रम में डॉ. कमल जैन के पुनः विद्यालय प्रबंधक बनने से विद्यालय से जुड़े शिक्षकों, कर्मचारियों, प्रबंधन समिति के सदस्यों और शिक्षा हितैषियों में खुशी का माहौल है।

प्रबंधन पक्ष के अनुसार, पूर्व में प्रशासनिक कार्रवाई के तहत विद्यालय के प्रबंधन तंत्र को भंग करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को अधिकृत नियंत्रक नियुक्त किया गया था। इस कार्रवाई को विद्यालय प्रबंधन समिति ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। समिति की ओर से न्यायालय में कहा गया कि प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान प्रस्तुत किए गए स्पष्टीकरण पर समुचित रूप से विचार नहीं किया गया। साथ ही संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिए जाने और नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के पालन को लेकर भी आपत्तियां उठाई गईं।

प्रबंधन पक्ष ने जिला विद्यालय निरीक्षक को अधिकृत नियंत्रक बनाए जाने की वैधानिकता पर भी न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पूर्व प्रबंधन व्यवस्था की बहाली और डॉ. कमल जैन के पुनः प्रबंधक बनने को समिति से जुड़े लोग महत्वपूर्ण राहत के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि इससे विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था में स्थिरता आएगी और शैक्षिक गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी।

विवाद के दौरान विद्यालय की भूमि और संपत्ति को लेकर भी विभिन्न आरोप लगाए जाते रहे हैं। प्रबंधन पक्ष ने कुछ लोगों पर निजी हितों के लिए विवाद उत्पन्न करने और अधिकारियों के समक्ष शिकायतों के माध्यम से प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति या समूह को सक्षम जांच अथवा न्यायालय के अंतिम निष्कर्ष से पहले दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

विद्यालय हितैषियों का कहना है कि श्री गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज क्षेत्र की महत्वपूर्ण शैक्षिक संस्था है। इससे वर्षों से विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी और अभिभावक जुड़े रहे हैं। इसलिए प्रबंधन विवाद का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षिक वातावरण पर नहीं पड़ना चाहिए।

समिति से जुड़े लोगों ने उच्च न्यायालय के आदेश को “शिक्षा, न्याय और संस्थागत स्वायत्तता की बड़ी जीत” बताया है। क्षेत्र के शिक्षा समर्थकों को उम्मीद है कि अब लंबे समय से चला आ रहा विवाद विधिक प्रक्रिया के माध्यम से स्थायी रूप से समाप्त होगा और विद्यालय अपनी गौरवशाली शैक्षिक परंपरा को आगे बढ़ाएगा। उनका कहना है कि विद्यालय की पहचान विवाद से नहीं, बल्कि शिक्षा, अनुशासन और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य से होनी चाहिए।

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