कोर्ट में पेश न होना सीओ ट्रैफिक को पड़ गया भारी
अदालत ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का एसपी को दिया आदेश
कोर्ट में पेश न होना सीओ ट्रैफिक को पड़ गया भारी
-अदालत ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का एसपी को दिया आदेश
कौशांबी । सिराथू सर्कल में सीओ ट्रैफिक के पद पर तैनात सत्येंद्र प्रसाद तिवारी के लिए कोर्ट की अवमानना करना भारी पड़ गया है। वाराणसी की विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट की अदालत ने उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही अग्रिम आदेश तक उनका वेतन रोकने का भी निर्देश दिया गया है। मामला वर्ष 2018 के एक केस से जुड़ा है, जिसमें सत्येंद्र प्रसाद तिवारी विवेचक रहे थे। इस मामले में कोर्ट में उनकी गवाही होनी थी। अदालत ने उन्हें गवाही के लिए कई बार बुलाया, लेकिन पिछली दो तारीखों पर वह कोर्ट के सामने उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने उनकी गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया।
वाराणसी के विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी सुधाकर राय की अदालत में सत्र परीक्षण संख्या 401/2018, राज्य बनाम तौफिक आलम वगैरह की सुनवाई चल रही है। इस मामले में पत्रावली पर विवेचक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी और डॉक्टर साक्षी की गवाही होनी थी। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, विवेचक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही के लिए बुलाया गया था। पहली तारीख 13 अगस्त 2026 रखी गई थी। लेकिन उस दिन वह तिरंगा यात्रा की वजह से उपस्थित नहीं हो सके। इसके बाद अदालत ने दोबारा 24 अगस्त 2026 को उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही के लिए बुलाया। लेकिन इस तारीख पर भी वह वीसी के माध्यम से साक्ष्य देने के लिए उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद कोर्ट ने अगली तारीख 1 सितंबर 2026 तय की। दो अलग-अलग तारीखों पर बुलाए जाने के बावजूद वह उपस्थित नहीं हुए। कोर्ट ने उनकी लगातार गैरहाजिरी को गंभीरता से लिया और कहा कि इससे स्पष्ट है कि साक्षी जानबूझकर साक्ष्य देने के लिए उपस्थित नहीं आ रहा है। अदालत ने अब सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को गवाही के लिए गैर-जमानती वारंट के जरिए तलब किया है। कोर्ट ने एसपी ट्रैफिक पुलिस को आदेश दिया है कि साक्षी सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को गिरफ्तार कर 10 सितंबर 2026 को साक्ष्य के लिए न्यायालय में पेश किया जाए।
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