व्हाट्सएप पर भेजे लिंक से साइबर ठगी, इंजीनियर के खाते से आठ लाख पार

व्हाट्सएप पर भेजे गए लिंक पर क्लिक करना इंजीनियर को महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने खाते से करीब आठ लाख रुपये पार कर दिए। पुलिस मामले की जांच में जुटी।

Sep 25, 2026 - 17:08
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व्हाट्सएप पर भेजे लिंक से साइबर ठगी, इंजीनियर के खाते से आठ लाख पार

व्हाट्सएप पर भेजे लिंक से साइबर ठगी, इंजीनियर के खाते से आठ लाख पार

दीपेंद्र भदौरिया, ब्यूरो चीफ

महमूदाबाद, सीतापुर। कस्बे में निजी कंपनी फ्यूजी फिल्म में कार्यरत इंजीनियर के खाते से साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठग ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर व्हाट्सएप पर लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही युवक के खाते से दो बार में चार-चार लाख रुपये यानी कुल आठ लाख रुपये निकल गए। मोबाइल पर धन निकासी के मैसेज आने के बाद पीड़ित के होश उड़ गए। मामले की शिकायत कोतवाली पुलिस और साइबर सेल से की गई है।

कस्बे के इमलिया निवासी आफाक अहमद खान पुत्र हनीफ के अनुसार सुबह करीब 10 बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को यूको बैंक का कर्मचारी बताया और कहा कि उनके खाते में कुछ रुपये आने थे, क्या रकम पहुंच गई है। पीड़ित ने रकम नहीं आने की बात कही।

इसके बाद कॉलर ने कहा कि वह एक लिंक भेज रहा है, जिसके जरिए पेमेंट चेक किया जा सकता है। आरोप है कि व्हाट्सएप पर भेजे गए लिंक पर क्लिक करते ही कुछ ही देर में उनके खाते से चार-चार लाख रुपये की दो रकम ट्रांसफर हो गईं।

मोबाइल पर लगातार धन निकासी के संदेश आने के बाद पीड़ित बैंक पहुंचा और मामले की जानकारी दी। बैंक से खाते का विवरण निकलवाने पर प्रथमदृष्टया पता चला कि चार लाख रुपये धनबाद स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते और चार लाख रुपये महाराष्ट्र के एक बैंक खाते में भेजे गए हैं।

प्रभारी निरीक्षक महमूदाबाद सत्येंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि शिकायत मिली है। प्रारंभिक जानकारी में साइबर ठगी का कनेक्शन पश्चिम बंगाल के कोलकाता के आसपास का सामने आया है। उन्होंने बताया कि पांच लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी के मामलों की प्राथमिकी जनपद स्तर के साइबर सेल थाने में दर्ज किए जाने का प्रावधान है। इसी के चलते पीड़ित को जनपद मुख्यालय भेजा गया है। कोतवाली स्तर से भी मामले की जांच की जा रही है।

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