सीतापुर के ODOP महाकुंभ में स्थानीय कारोबारियों को मिली वैश्विक पहचान, जिला प्रशासन की व्यवस्था की जमकर सराहना

सीतापुर के ODOP महाकुंभ में स्थानीय कारोबारियों को मिली वैश्विक पहचान, जिला प्रशासन की व्यवस्था की जमकर सराहना

Oct 25, 2026 - 23:07
0 0
सीतापुर के ODOP महाकुंभ में स्थानीय कारोबारियों को मिली वैश्विक पहचान, जिला प्रशासन की व्यवस्था की जमकर सराहना
सीतापुर के ODOP महाकुंभ में स्थानीय कारोबारियों को मिली वैश्विक पहचान, जिला प्रशासन की व्यवस्था की जमकर सराहना
सीतापुर के ODOP महाकुंभ में स्थानीय कारोबारियों को मिली वैश्विक पहचान, जिला प्रशासन की व्यवस्था की जमकर सराहना

सीतापुर के ODOP महाकुंभ में स्थानीय कारोबारियों को मिली वैश्विक पहचान, जिला प्रशासन की व्यवस्था की जमकर सराहना

**विदेशी मेहमानों से लेकर स्थानीय व्यापारियों तक ने आयोजन को बताया यादगार, हर साल ऐसी प्रदर्शनी कराने की उठी मांग**

**दीपेंद्र भदौरिया, ब्यूरो चीफ**

**सीतापुर।** एक जिला, एक उत्पाद (ODOP) के तहत सीतापुर शिक्षण संस्थान, रसौरा में आयोजित ‘लोकल टू ग्लोबल’ ODOP महाकुंभ स्थानीय कारीगरों, कारोबारियों और बुनकरों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। प्रदर्शनी में शामिल व्यापारियों ने जिला प्रशासन और उद्योग विभाग की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन ने उन्हें अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर दिया है। कई कारोबारियों ने दावा किया कि उन्हें यहां जितनी पहचान और बिक्री मिली, उतनी पहले के आयोजनों में भी नहीं मिल पाई थी।

**स्थानीय कारोबारियों को मिला पहचान का मंच**

लालू स्वीट हाउस के प्रोपराइटर ने बताया कि इससे पहले ODOP के तहत उन्हें अपने उत्पाद लेकर दिल्ली जाने का अवसर मिला था, लेकिन वहां उन्हें उतनी पहचान नहीं मिल सकी, जितनी सीतापुर में आयोजित इस प्रदर्शनी में मिली है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने बहुत अच्छी व्यवस्था की है। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने ऐसे कार्यक्रम हर साल आयोजित कराने की अपेक्षा जताई।

लाल मिर्च पकोड़ा काउंटर के प्रोपराइटर ने कहा कि वे सभी पहले सड़क किनारे कारोबार करते थे। जिला प्रशासन ने उन्हें प्रदर्शनी का हिस्सा बनाकर अपना हुनर और उत्पाद लोगों तक पहुंचाने का अवसर दिया है। उन्होंने जिलाधिकारी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम की सराहना की।

**उन्नाव के लड्डू व्यापारी बोले—एक दिन में बिक गई पूरी सामग्री**

उन्नाव जिले से आए लड्डू व्यापारी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह दिल्ली में भी अपने लड्डू बेचने गए थे, लेकिन वहां एक-दो किलो लड्डू ही बिक पाए थे। इसके मुकाबले सीतापुर के ODOP महाकुंभ में उनकी बिक्री काफी बेहतर रही। व्यापारी के मुताबिक, वह जितनी सामग्री लेकर आए थे, वह एक ही दिन में बिक गई। उन्होंने जिला प्रशासन और जिलाधिकारी का आभार जताया।

**टोक्यो की डिजाइनर ने भी की आयोजन की सराहना**

टोक्यो से आईं महिला डिजाइनर एवं व्यापारी कीमिको साटो, एग्जीक्यूटिव डिजाइनर, ने आयोजन को सुंदर और सराहनीय बताया। इस दौरान क्षेत्रीय युवाओं ने उनके साथ फोटो और वीडियो शूट किए तथा उन्हें नैमिषारण्य के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की पहल के तहत आयोजित यह कार्यक्रम प्रशंसनीय है। विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधि यहां उत्पादों को समझने और व्यापारिक संभावनाएं तलाशने पहुंचे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कुछ उत्पादों को अपने देश ले जाने और व्यापारिक अनुबंध करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

**बुनकरों और हथकरघा कारोबारियों को वैश्विक बाजार की उम्मीद**

मधु इंडिया इंडस्ट्री के मैनेजर ने कहा कि उनका व्यवसाय प्रचार-प्रसार से जुड़ा है। सीतापुर में विदेशी व्यापारियों के सामने अपने उत्पाद और कारोबार को प्रस्तुत करने का अवसर मिलना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और उद्योग विभाग ने स्थानीय बुनकरों एवं हथकरघा कारोबारियों को ऐसा मंच दिया है, जिससे उन्हें वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। इस आयोजन से जुड़े व्यापारी, कर्मचारी और उनके परिवार भी उत्साहित हैं।

**पैतृक विरासत को मंच मिलने से खुश हैं जियाउल्लाह अंसारी**

जियाउल्लाह अंसारी ने कहा कि दरी का कारोबार उनका पैतृक व्यवसाय रहा है। समय के साथ बदलाव आने पर परिवार के लोग नौकरी और दूसरे व्यवसायों की ओर बढ़ गए, लेकिन ODOP महाकुंभ में पुरखों की विरासत को प्रदर्शनी के माध्यम से सम्मान और पहचान मिलते देखकर उन्हें खुशी हो रही है। उन्होंने इस पहल को पारंपरिक कारोबार को दोबारा पहचान दिलाने वाला प्रयास बताया।

**हर साल बड़ी प्रदर्शनी कराने की उठी मांग**

सीतापुर निवासी सफी अहमद ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रत्येक वर्ष होने चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर बड़े स्तर पर प्रदर्शनी आयोजित कराने की मांग की, ताकि जिले के स्थानीय उत्पादों का प्रचार-प्रसार राष्ट्रीय स्तर पर हो सके और कारीगरों को अधिक ग्राहक तथा व्यापारिक अवसर मिलें।

ODOP महाकुंभ में सामने आए कारोबारियों के अनुभवों ने स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की संभावनाओं को रेखांकित किया है। व्यापारियों ने जिला प्रशासन और उद्योग विभाग की पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि ऐसे आयोजन सीतापुर की दरी, हथकरघा और अन्य स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User