मनरेगा में जातिगत वर्गीकरण के खिलाफ मुखर हुआ क्रांतिकारी विचार मंच
मजदूरों को जाति के आधार पर बांटने का आरोप, सौरभ सिंह बोले- पूरी व्यवस्था के तथ्य सामने लाएंगे
मनरेगा में जातिगत वर्गीकरण के खिलाफ मुखर हुआ क्रांतिकारी विचार मंच
मजदूरों को जाति के आधार पर बांटने का आरोप, सौरभ सिंह बोले- पूरी व्यवस्था के तथ्य सामने लाएंगे
दीपेंद्र भदौरिया, ब्यूरो चीफ
सीतापुर। ‘जी राम जी’ यानी पूर्व की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में श्रमिकों के काम और भुगतान व्यवस्था को जातिगत आधार पर वर्गीकृत किए जाने के आरोपों को लेकर क्रांतिकारी विचार मंच ने विरोध का ऐलान किया है। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ सिंह ‘पाताभोज’ ने आरोप लगाया कि योजना में एससी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के आधार पर श्रमिकों के काम और भुगतान की व्यवस्था को अलग-अलग किए जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी व्यवस्था लागू की जा रही है तो यह मजदूरों के साथ समानता के अधिकार के विपरीत है।
सौरभ सिंह ने कहा कि मजदूर की पहचान उसकी मेहनत और पसीने से होनी चाहिए, जाति से नहीं। उनका आरोप है कि सरकारी व्यवस्था के जरिए श्रमिकों को अलग-अलग वर्गों में बांटने की कोशिश की जा रही है, जिसका क्रांतिकारी विचार मंच हर स्तर पर विरोध करेगा।
उन्होंने दावा किया कि मनरेगा कार्यालय से मिली जानकारी के आधार पर संगठन इस मामले की पड़ताल कर रहा है। सौरभ सिंह ने कहा कि अभी संगठन इस संबंध में दस्तावेजों और तकनीकी-प्रशासनिक तथ्यों को जुटा रहा है। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले से जुड़े तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब और मजदूर के हितों से जुड़े रोजगार कार्यक्रम में किसी भी प्रकार का जातिगत भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने सीतापुर समेत पूरे प्रदेश के श्रमिकों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
सौरभ सिंह ने कहा कि मंच का उद्देश्य किसी वर्ग के अधिकारों का विरोध करना नहीं, बल्कि मजदूरों के बीच कथित भेदभाव की व्यवस्था पर सवाल उठाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संगठन इसके खिलाफ आंदोलन करेगा।
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