राहुल बोले- टाटा को बर्बाद किया जा रहा है:इंडियन बिजनेस सरकार का खिलौना नहीं; सीतारमण बोलीं-हर मामले पर राजनीति न करें

Oct 28, 2026 - 18:36
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राहुल बोले- टाटा को बर्बाद किया जा रहा है:इंडियन बिजनेस सरकार का खिलौना नहीं; सीतारमण बोलीं-हर मामले पर राजनीति न करें
राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि- टाटा को क्रिमिनल तरीके से बर्बाद किया जा रहा है, और कोई भी बिजनेस लीडर एक शब्द भी कहने की हिम्मत नहीं कर रहा है। उन्होंने X पर लिखा- इंडियन बिजनेस सरकार का खिलौना नहीं है। हम इन अपराधों का इंसाफ करेंगे। इसके जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि राहुल अविश्वास फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार भारतीय उद्योग को रोजगार देने वाला और आर्थिक विकास का आधार मानती है। सरकार की नीतियां कारोबार को बढ़ावा देने, उद्योग का समर्थन करने और निवेश प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई हैं। कांग्रेस पर भी निशाना सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने दशकों तक ‘लाइसेंस-कोटा राज’ के जरिए भारतीय उद्यमियों की भावना को दबाए रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने करोड़ों भारतीयों को गरीबी में धकेला। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों, नेताओं, सरकारों और संस्थानों की जिम्मेदारी बराबर है। सभी को उद्योग का समर्थन करना, किसानों को मजबूत करना और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना चाहिए। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के री-अपॉइंटमेंट पर विवाद टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने टाटा संस के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को दिए गए दूसरे 5 साल के एक्सटेंशन को चुनौती दी है। उन्होंने नियमों की अनदेखी, वोटिंग नियमों के उल्लंघन और 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' यानी हितों के टकराव के आरोप लगाए हैं। द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नोएल टाटा ने टाटा संस के कंपनी सेक्रेटरी को खत लिखकर 17 सितंबर की बोर्ड मीटिंग का रिकॉर्ड मांगा है। इसमें ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग, वोटिंग रिकॉर्ड्स और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज में दाखिल किए गए सभी दस्तावेजों की मांग की है। 10 सवालों के जरिए समझते हैं कि पूरा मामला… सवाल 1. नोएल टाटा ने हाल ही में क्या कदम उठाया है? जवाब: नोएल टाटा ने टाटा संस के कंपनी सेक्रेटरी सुप्रकाश मुखोपाध्याय को 26 अक्टूबर को एक लेटर लिखा है। इस लेटर में उन्होंने 17 सितंबर को हुई टाटा संस की बोर्ड मीटिंग के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें एन चंद्रशेखरन को फिर से 5 साल के लिए एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया गया है। सवाल 2. इस विरोध का तात्कालिक कारण क्या बना? जवाब: नोएल टाटा के विरोध के बावजूद कंपनी ने कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) के पास फाइलिंग जमा कर चंद्रशेखरन के री-अपॉइंटमेंट की पुष्टि कर दी। बोर्ड में एक मौजूदा डायरेक्टर के विरोध के बाद भी यह फाइलिंग किए जाने के कारण नोएल टाटा ने दोबारा विरोध जताया। सवाल 3. एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल की अवधि क्या तय की गई है? जवाब: सितंबर में पास किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, एन चंद्रशेखरन को 21 फरवरी 2027 से अगले 5 साल के लिए टाटा संस के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन पद पर री-अपॉइंट किया गया है। सवाल 4. नोएल टाटा ने मीटिंग के एजेंडे पर क्या सवाल खड़े किए हैं? जवाब: नोएल टाटा का कहना है कि 17 सितंबर की बोर्ड मीटिंग के ओरिजिनल या रिवाइज्ड एजेंडे में एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के री-अपॉइंटमेंट के प्रस्ताव का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। ओरिजिनल एजेंडे में इसे केवल नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी (NRC) की ब्रीफिंग बताया गया था, जबकि रिवाइज्ड एजेंडे में RBI के 11 सितंबर के पत्र पर चर्चा जोड़ी गई थी। सवाल 5. बोर्ड प्रक्रियाओं को लेकर क्या खामियां बताई गई हैं? जवाब: नोएल टाटा ने आरोप लगाया है कि कंपनी के नियमों के तहत सिलेक्शन कमेटी का गठन नहीं किया गया। जरूरी अफर्मेटिव वोट प्राप्त नहीं किए गए थे। सवाल 6. इस विवाद में 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' का क्या मामला है? जवाब: नोएल टाटा ने टाटा संस के डायरेक्टर और टाटा ट्रस्ट्स के वाइस चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन पर हितों के टकराव का आरोप लगाया है। आरोप है कि श्रीनिवासन और चंद्रशेखरन के बाहर भी व्यावसायिक संबंध हैं। खत में 'हैनो वन वेयरहाउसिंग प्रा. लिमिटेड' नाम की कंपनी का जिक्र है, जिसे चंद्रशेखरन की पत्नी और बेटा संभालते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस कंपनी के कारोबारी रिश्ते TVS मोटर से हैं, जिसके चेयरमैन एमेरिटस वेणु श्रीनिवासन हैं। नोएल का कहना है कि श्रीनिवासन को इस संभावित टकराव के बावजूद चर्चा और वोटिंग से दूर रहना चाहिए था, लेकिन उन्होंने हिस्सा लिया। सवाल 7. नोएल टाटा ने टाटा संस प्रबंधन से क्या-क्या दस्तावेज मांगे हैं? जवाब: नोएल टाटा ने 7 दिनों के भीतर ये रिकॉर्ड्स उपलब्ध कराने की मांग की है… 17 सितंबर की बोर्ड मीटिंग की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग। मीटिंग के फाइनल और हस्ताक्षरित मिनट्स । वोटिंग रिकॉर्ड और RoC के पास दाखिल किए गए दस्तावेज। 3 सितंबर को हुई नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की मीटिंग के रिकॉर्ड्स। सवाल 8. इस मामले में पहले क्या पत्र लिखे गए थे? जवाब: नोएल टाटा ने इससे पहले 30 सितंबर और 8 अक्टूबर को भी लेटर लिखे थे। अधिकारियों के मुताबिक, टाटा संस ने उनके 30 सितंबर के पहले पत्र का कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया था। इसके अलावा दो बार लिखित अनुरोध के बावजूद मीटिंग की रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध नहीं कराई गई। सवाल 9. नोएल टाटा की मुख्य आपत्तियां किन दो फैसलों पर हैं? जवाब: नोएल टाटा दो बड़े फैसलों के खिलाफ हैं… एन चंद्रशेखरन को फिर से 5 साल का कार्यकाल दिया जाना। टाटा संस की लिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू करना। यह दोनों फैसले नोएल टाटा की आपत्तियों के बावजूद बोर्ड द्वारा लिए गए थे। सवाल 10: आगे क्या हो सकता है और इस खत पर क्या एक्शन की उम्मीद है? जवाब: नोएल टाटा ने सभी रिकॉर्ड्स, ऑडियो-वीडियो और रेगुलेटरी फाइलिंग्स को सुरक्षित रखने को कहा है। नोएल के इस पत्र को टाटा संस की ऑडिट कमेटी के सामने विचार के लिए रखा जा सकता है। ये खबर भी पढ़ें… AI के कारण माइक्रोसॉफ्ट में 60 हजार नौकरियां खतरे में: इनमें भारतीय भी, मुआवजे का ऑफर; डेढ़ साल में 20 हजार पद खत्म माइक्रोसॉफ्ट ने करीब 60 हजार कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर दिया है। कंपनी ने इसके बदले ग्रेड के मुताबिक एक साल तक की सैलरी एकमुश्त देने की बात कही है। कंपनी AI और सिस्टम बनाने में हुए खर्च की भरपाई के लिए कर्मचारियों की संख्या कम करने जा रही है। कंपनी में कुल 2.23 लाख कर्मचारी हैं, जिनमें 23 हजार भारत में हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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