जनवरी 2027 से लागू होंगे नए एयरक्राफ्ट रूल्स:टिकट बुकिंग पर किराया, टैक्स की पूरी जानकारी देनी होगी; 90 साल पुराने कानून की जगह नया ढांचा

Nov 02, 2026 - 22:24
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जनवरी 2027 से लागू होंगे नए एयरक्राफ्ट रूल्स:टिकट बुकिंग पर किराया, टैक्स की पूरी जानकारी देनी होगी; 90 साल पुराने कानून की जगह नया ढांचा
केंद्र सरकार ने भारतीय वायुयान नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं। ये नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। नए नियमों के तहत एयरलाइंस को टिकट बुक करते समय किराए और सभी शुल्कों का अलग-अलग ब्योरा देना होगा। यह जानकारी बुकिंग वेबसाइट और जारी टिकट, दोनों पर देनी होगी। ब्योरे में कुल रकम के साथ किराया, टैक्स, फीस, कैंसिलेशन चार्ज और रिफंड की शर्तें अलग-अलग बतानी होंगी। किसी अन्य शुल्क की जानकारी भी देनी होगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय असाधारण स्थिति में हवाई किराए को लेकर दखल दे सकेगा। हालांकि, असाधारण स्थिति किसे माना जाएगा, यह साफ नहीं किया गया है। भारतीय वायुयान नियम, 2026 को भारतीय वायुयान विधेयक, 2024 के तहत बनाया गया है। इस विधेयक ने 90 साल पुराने एयरक्राफ्ट एक्ट, 1934 की जगह ली थी। ये नए नियम 1 जनवरी 2027 से एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 की जगह लागू होंगे। टिकट पर कौन-कौन सी जानकारी होगी नियमों के मुताबिक, एयरलाइन को टिकट का विस्तृत ब्रेक-अप बुकिंग वेबसाइट और बुक किए गए टिकट पर दिखाना होगा। इसमें कुल रकम के साथ किराया, टैक्स, फीस, कैंसिलेशन चार्ज, रिफंड की शर्तें और कोई अन्य शुल्क अलग-अलग दर्ज होना चाहिए। एयरलाइंस की ओर से तय किराए की निगरानी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) करेगा। असाधारण स्थिति में सरकार के पास दखल का अधिकार नियमों में कहा गया है कि अगर केंद्र सरकार को लगता है कि असाधारण स्थिति पैदा हुई है, तो वह लिखित आदेश जारी कर सकती है। सरकार जनहित में जरूरी और उचित निर्देश दे सकेगी। हालांकि, नियमों में असाधारण स्थिति की कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई है। सवाल-जवाब में समझें इसके मायने क्या… सवाल. नया नियम क्या है? जवाब- सरकार ने 31 अक्टूबर को भारतीय वायुयान नियम, 2026 नोटिफाई किए हैं। ये 1937 वाले पुराने एयरक्राफ्ट रूल्स की जगह लेंगे और 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। सवाल- टिकट बुकिंग में मेरे लिए क्या बदलेगा? जवाब- अब आपको टिकट पर एक लाइन में टोटल नहीं मिलेगा। अलग-अलग लिखा होगा:कितना बेस किराया, कितना टैक्स, कितनी एयरपोर्ट फीस। कैंसिल करोगे तो कितना पैसा कटेगा। रिफंड कैसे और कब मिलेगा। सवाल- कैंसिलेशन चार्ज पहले क्यों नहीं पता चलता था? जवाब- पहले एयरलाइंस छोटे अक्षरों में या चेकआउट के बाद दिखाती थीं। अब नियम है - बुकिंग पेज पर ही और ई-टिकट पर भी ब्रेकअप दिखाना अनिवार्य है। सवाल- किराया बढ़ने पर सरकार रोक लगा पाएगी क्या? जवाब- हां। नियम में लिखा है - अगर "असाधारण स्थिति" बनती है तो केंद्र सरकार लिखित आदेश देकर किराये पर दखल दे सकती है। DGCA निगरानी करेगा। सवाल- असाधारण स्थिति क्या है? जवाब- यही पेच है। सरकार ने परिभाषा नहीं दी है। एक्सपर्ट मान रहे हैं - महामारी, युद्ध, बाढ़, कुंभ मेला, या किसी रूट पर अचानक 3-4 गुना किराया बढ़ना - ऐसी स्थितियों में इस्तेमाल हो सकता है। सवाल- क्या किराया सस्ता होगा? जवाब- सीधे सस्ता नहीं, लेकिन ट्रांसपेरेंट होगा। छुपे हुए चार्ज खत्म होंगे और इमरजेंसी में लूट वाले किराये पर सरकार ब्रेक लगा सकेगी। सवाल- पुराने कानून से क्या रिश्ता है? जवाब- 90 साल पुराना एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 खत्म। उसकी जगह भारतीय वायुयान विधेयक 2024 आया। अब उसके तहत ये नए नियम 2026 बने हैं। --------------------- ये खबर भी पढ़ें… फ्लाइट टिकट 700% बढ़ाने के दावे वाली याचिका खारिज: सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा- फ्लाइट से यात्रा मत करिए, आगे बढ़िए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बढ़ते हवाई किराए को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता के 700% तक किराया बढ़ने के दावे पर कोर्ट ने कहा, 'आप हवाई यात्रा मत करिए। आगे बढ़िए।' जस्टिस जे. विक्रम नाथ की बेंच के सामने वकील ने दलील दी कि विमान का किराया 700% तक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि हवाई यात्रा जरूरी सेवा है और किराए में इतनी ज्यादा बढ़ोतरी संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। हालांकि, कोर्ट ने इन दलीलों पर सुनवाई नहीं की और याचिका खारिज कर दी। पढ़ें पूरी खबर…

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