मनरेगा भुगतान पर सवाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख के परिवार से जुड़ी फर्म जांच के घेरे में

खैराबाद में 1.32 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान का दावा, फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और वसूली की मांग

Oct 30, 2026 - 01:12
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मनरेगा भुगतान पर सवाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख के परिवार से जुड़ी फर्म जांच के घेरे में
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मनरेगा भुगतान पर सवाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख के परिवार से जुड़ी फर्म जांच के घेरे में

मनरेगा भुगतान पर सवाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख के परिवार से जुड़ी फर्म जांच के घेरे में

खैराबाद में 1.32 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान का दावा, फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और वसूली की मांग

दीपेन्द्र भदौरिया, ब्यूरो चीफ 

सीतापुर, खैराबाद। मनरेगा और पंचायतीराज विभाग के विकास कार्यों में ईंट आपूर्ति के भुगतान को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। लखीमपुर-खीरी निवासी उमाशंकर पटवा ने जिलाधिकारी सीतापुर को शपथपत्र के साथ शिकायत देकर एम/एस जय अंबे ईंट उद्योग से संबंधित भुगतानों की जांच, धनराशि की वसूली और फर्म को काली सूची में डालने की मांग की है। शिकायत में खैराबाद के ब्लॉक प्रमुख अजय प्रकाश त्रिपाठी उर्फ प्रेम त्रिपाठी और उनके परिवार के सदस्यों से फर्म के कथित संबंधों का उल्लेख किया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2021-22 से 30 सितंबर 2026 तक खैराबाद विकासखंड में ईंटों के मूल्य के रूप में संबंधित फर्म को 1 करोड़ 32 लाख 63 हजार 157 रुपये का भुगतान किया गया। उन्होंने सीतापुर के अन्य 18 विकासखंडों से भी करोड़ों रुपये का भुगतान होने का दावा किया है। इन आंकड़ों की पुष्टि के लिए कार्यवार बिल, वाउचर और भुगतान अभिलेखों की आधिकारिक जांच जरूरी है।

### शासनादेश के उल्लंघन का आरोप

शिकायत में ब्लॉक प्रमुख अजय प्रकाश त्रिपाठी उर्फ प्रेम त्रिपाठी, उनकी पत्नी एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख उमा त्रिपाठी और उनके दोनों पुत्रों का उल्लेख है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि फर्म के स्वामित्व और सरकारी योजनाओं में आपूर्ति की पात्रता की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने 28 अप्रैल 2022 को जारी पंचायतीराज विभाग के शासनादेश के प्रावधानों के अनुपालन पर भी सवाल उठाए हैं।

आवेदन में फर्म का जीएसटी पंजीकरण नंबर 09AAFFS4243H1ZD दर्ज है। शिकायतकर्ता ने संबंधित फर्म से भुगतान की गई धनराशि की वसूली भू-राजस्व की भांति कराने और उसे काली सूची में डालने की मांग की है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि अभी आधिकारिक जांच से होनी बाकी है 

खंड विकास अधिकारी नीरज दुबे ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और संबंधित फर्म के प्रोपराइटर को नोटिस जारी किया गया है। जवाब मिलने के बाद परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्षों का जवाब इस मामले में आगे की कार्रवाई तय करेगा।

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