BMC कमिश्नर को सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का नोटिस:एक महीने की सैलरी भी रोकी, कहा- अधिकारियों को जेल भेज देंगे
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) के म्युनिसिपल कमिश्नर के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई शुरू कर दी है। कमिश्नर ने बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) बस स्टैंड के लिए तय जमीन से कब्जा हटाने के अपने पहले के निर्देशों का पालन नहीं किया था। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने बीएमसी कमिश्नर और उनके स्टाफ की 1 महीने की सैलरी के भुगतान पर रोक लगाने का आदेश दिया। साथ ही अतिरिक्त समय मांगने वाली याचिका खारिज करते हुए 5 लाख रुपए की कॉस्ट भी लगाई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने बीएमसी कमिश्नर को कारण बताओ नोटिस जारी कर कहा कि उनके अधिकारियों को जेल भेज देंगे। बीएमसी अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठाए। 5 बड़ी दलीलें… मराठी दस्तावेजों के अनुवाद की दलील पर भड़का कोर्ट सुनवाई के दौरान बीएमसी की ओर से दलील दी गई कि स्थानीय अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से पहले मराठी दस्तावेजों का अंग्रेजी में अनुवाद कराने की जरूरत है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। जस्टिस बागची ने सवाल किया कि हलफनामा दाखिल करने वाले अधिकारी डॉ. तांबे हैं। क्या अदालत यह मान ले कि उन्हें मराठी भाषा नहीं आती? बस स्टेशन की जमीन से अतिक्रमण हटाने से जुड़ा है मामला यह विवाद मुंबई के बोरीवली में एक सार्वजनिक BEST बस स्टेशन की जमीन से जुड़ा है। इस जमीन को लेकर बीएमसी और एक निजी डेवलपर के बीच कई वर्षों से कानूनी विवाद चल रहा है। 13 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने निजी डेवलपर को निर्देश दिया था कि वह प्रशासनिक भवन सहित संबंधित भूखंड का खाली और शांतिपूर्ण कब्जा बीएमसी को सौंप दे। अदालत ने बीएमसी को तीन महीने का समय दिया था। इस दौरान बीएमसी को जमीन का कब्जा लेना था, कानून के मुताबिक शेष अतिक्रमण हटाना था और बस स्टेशन को पूरी तरह चालू करना था। हालांकि, 13 नवंबर 2025 तक जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर नाराजगी जताई थी। अदालत ने बीएमसी कमिश्नर को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। ----------------- ये खबर भी पढ़ें... दावा- मुंबई में अजय देवगन के बंगले का हिस्सा तोड़ा:नोटिस के बाद अवैध निर्माण के चलते BMC की कार्रवाई मुंबई नगर निगम (BMC) ने एक्टर अजय देवगन के जुहू स्थित बंगले में कथित तौर पर बिना अनुमति किए गए निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक नगर निगम ने बंगले में किए गए निर्माण को तोड़ा है। पूरी खबर पढ़ें…
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)