न्यायालय में मुकदमा लंबित रहने के दौरान धारा 80 का आदेश, आवेदन में जानकारी छिपाने का आरोप
न्यायालय में मुकदमा लंबित रहने के दौरान धारा 80 का आदेश, आवेदन में जानकारी छिपाने का आरोप
न्यायालय में मुकदमा लंबित रहने के दौरान धारा 80 का आदेश, आवेदन में जानकारी छिपाने का आरोप
(इंद्र बहादुर सिंह)
बीकेटी, लखनऊ। बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र के ग्राम नवीकोट नन्दना में पैतृक भूमि के स्वामित्व और राजस्व अभिलेखों में कथित हेरफेर का मामला सामने आया है। आरोप है कि भूमि से संबंधित वाद एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद धारा 80 के तहत गैर-कृषिक उपयोग की अनुमति प्राप्त कर ली गई। इस मामले में पीड़ित बृंदा सिंह ने समाचार माध्यम के जरिए मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। बृंदा सिंह के अनुसार, गाटा संख्या 457स, रकबा 0.3430 हेक्टेयर, पूर्व खाता संख्या 268 और वर्तमान खाता संख्या 00529 की भूमि उनकी पैतृक संपत्ति है। उनका दावा है कि उन्होंने उक्त भूमि का कोई बैनामा नहीं किया, जबकि अन्य सह-खातेदारों ने अपने हिस्से की जमीन बेची थी। आरोप है कि श्रीमती अंजना अग्रवाल पत्नी बृजेंद्र कुमार अग्रवाल और श्रीमती मधु गोयल पत्नी सुनील कुमार अग्रवाल ने कथित कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पुराने राजस्व अभिलेखों से उनका नाम हटवाकर पूरे रकबे पर अपना नाम दर्ज करा लिया। बृंदा सिंह के मुताबिक, इस मामले में 24 जुलाई 2026 को एसडीएम बीकेटी न्यायालय में राजस्व संहिता की धारा 38(1) के तहत वाद दाखिल किया गया था, जो अभी विचाराधीन है। इसके बावजूद 30 सितंबर 2026 को धारा 80 के तहत आवेदन प्रस्तुत किया गया। आरोप है कि आवेदन में भूमि से संबंधित किसी वाद के न्यायालय में विचाराधीन होने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में ‘नहीं’ दर्ज किया गया। इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को धारा 80 के तहत आदेश पारित कर दिया गया। बृंदा सिंह ने आदेश में दर्ज प्रावधान का हवाला देते हुए कहा कि जानकारी छिपाए जाने या साक्ष्य फर्जी पाए जाने की स्थिति में आदेश स्वतः निरस्त माने जाने का प्रावधान है। उनका आरोप है कि भूमि संबंधी विवाद न्यायालय में लंबित होने के बावजूद मौके पर प्लॉटिंग और निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, धारा 80 के आदेश को निरस्त करने, निर्माण रुकवाने और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)