महाराष्ट्र में SIR के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में 2 याचिकाएं:ज्ञानेश कुमार के आदेश रद्द करने की मांग

Sep 25, 2026 - 16:02
0 0
महाराष्ट्र में SIR के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में 2 याचिकाएं:ज्ञानेश कुमार के आदेश रद्द करने की मांग
महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में दो रिट याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाओं में SIR की संवैधानिक वैधता, प्रक्रिया और इसे लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने SIR से जुड़े 14 आदेश जारी किए। इन आदेशों को रद्द करने और दर्ज आपत्तियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई है। पहली याचिका चार महाराष्ट्र निवासियों और पंजीकृत मतदाताओं ने अधिवक्ता असीम सरोदे के जरिए दायर की है। इसमें SIR से जुड़े 14 प्रशासनिक आदेशों को रद्द करने, हटाए गए सभी मतदाताओं को बहाल करने और वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया की जांच के लिए स्वतंत्र न्यायिक समिति बनाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी मांग की है कि चुनाव आयोग SIR से जुड़े फैसलों, बूथों के युक्तिकरण के मानदंड और ECI-NET के तकनीकी विनिर्देशों को रिकॉर्ड पर रखे। साथ ही, नई और कानूनी रूप से सही मतदाता सूची तैयार होने तक आगामी विधानसभा चुनावों पर रोक लगाने की मांग की गई है। दूसरी याचिका दो मुंबई निवासियों ने अधिवक्ता हितेंद्र गांधी के जरिए दायर की है। इसमें SIR के दौरान दस्तावेज जमा करने और अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट (ASDD) मतदाताओं की पहचान के आधार पर नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में चुनाव आयोग से SIR के कारण, ASDD मतदाताओं की पहचान की कार्यप्रणाली और ECI-NET के विनिर्देश सार्वजनिक करने की मांग की गई है। साथ ही, अप्रैल 2026 में दिए गए प्रतिनिधित्व पर कार्रवाई और महाराष्ट्र से जुड़े SIR निर्देशों को रद्द करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी मांग की है कि किसी मतदाता का नाम वैधानिक नोटिस, सुनवाई का मौका और कारण बताने वाला आदेश दिए बिना न हटाया जाए। कोल्हापुर सर्किट बेंच में दायर पहली याचिका पर सोमवार, 28 सितंबर को सुनवाई के लिए उल्लेख किए जाने की संभावना है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User