रामदेव बोले- भारत में कभी तख्ता पलट नहीं हो सकता:खड़गे और अखिलेश पर तंज- भगवान सद्बुद्धि दें, सनातन पर सवाल उठाने वालों पर बरसे

Oct 28, 2026 - 14:37
Updated: 2 hours ago
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रामदेव बोले- भारत में कभी तख्ता पलट नहीं हो सकता:खड़गे और अखिलेश पर तंज- भगवान सद्बुद्धि दें, सनातन पर सवाल उठाने वालों पर बरसे

हरिद्वार मे योग गुरु स्वामी रामदेव ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गेऔर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बयानों को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आजकल के नेता जिस तरह के बयान दे रहे हैं, भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें या उनकी सद्गति करें। रामदेव ने सनातन धर्म और देवी-देवताओं को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक बयान दिए जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सनातन सभी धर्मों का पिता है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। आपको बता दें कि खड़गे ने हाल में पटना में PM मोदी के पिता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। अखिलेश यादव ने बयान दिया था कि उत्तरप्रदेश में सबसे बड़े घुसपैठिए उत्तराखंड के हैं। रामदेव ने बुधवार को हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में पत्रकारों से बात करते हुए ये बयान दिया। नीचा दिखाने के लिए शास्त्रों में अपनी तरफ से बातें जोड़ दीं योग गुरु रामदेव ने कहा कि सनातन धर्म के खिलाफ सुनियोजित और व्यवस्थित हमले किए जा रहे हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और माता सीता को शराब और मांस का सेवन करने वाले के रूप में गलत तरीके से दिखाया गया। भगवान शिव जो आदियोगी, महायोगी और परम चेतना हैं, जिन्होंने सभी सांसारिक इच्छाओं और वासनाओं पर विजय प्राप्त की है। उन्हें नशेड़ी, गांजा पीने वाला और भांग का सेवन करने वाला बताया। योगेश्वर भगवान कृष्ण पर रासलीला के नाम पर भोग-विलास में लिप्त होने का आरोप लगाकर, भगवान ब्रह्मा पर अपनी ही बेटी के साथ गलत काम करने का आरोप लगाकर और देवी-देवताओं को अनैतिक और बलात्कारी बताकर...पिछले 1,000 सालों में मुगल काल और ब्रिटिश शासन के दौरान सनातन धर्म के विरोधियों और विधर्मियों ने, सनातन धर्म के ही कुछ ग्रंथों का सहारा लेकर, हमारे शास्त्रों में अपनी ओर से बातें जोड़ दीं, ताकि सनातन धर्म को नीचा दिखाया जा सके। रामदेव बोले- सभी का अपमान एक जैसा है रामदेव ने कहा कि लोकतंत्र, संविधान, नैतिक, आध्यात्मिक, मानवीय मूल्यों के ऊपर बहुत गहरी चोट इन दिनों देश में हो रही है। कोई सड़कों से लेकर तक संसद तक हंगामा काटने में लगा पड़ा है, तो कोई संविधान की, लोकतंत्र की दुहाई तो दे रहा है, लेकिन भाई साहब से पूछो तो लोकतंत्र और संविधान के बारे में पता नहीं। लोकतंत्र और संविधान तो यह कहता है, देश में सब नागरिक समान हैं। उसमें कोई जातीय भेद नहीं है, ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र का भेद नहीं है। लेकिन शूद्र का कोई अपमान कर दे, तो ₹1 लाख तो FIR करने का इनाम मिलता है और झूठा भी आरोप लगा दे, तो बेचारा पंडित जी जो है वह जेल में सड़ता है। सनातन देवी-देवताओं के अपमान पर जताई नाराजगी रामदेव ने 30 अक्टूबर से पतंजलि योगपीठ में आयोजित होने वाले प्राच्य सम्मेलन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में देशभर की विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन में सनातन धर्म, भारतीय परंपराओं और देवी-देवताओं के सम्मान से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही, इन मुद्दों को लेकर एक रेगुलेशन पारित किए जाने की बात भी कही गई। स्वामी रामदेव ने कहा कि सनातन परंपरा और देवी-देवताओं को बदनाम करने तथा उनका अपमान करने की कोशिशें नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस विषय पर सामाजिक और धार्मिक स्तर पर गंभीर चर्चा की जरूरत बताई। उनके अनुसार, प्राच्य सम्मेलन में देशभर से आने वाले धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि इन विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। 30 अक्टूबर से शुरू होगा प्राच्य सम्मेलन हरिद्वार के पतंजलि योगपीठ में 30 अक्टूबर से आयोजित होने वाला प्राच्य सम्मेलन इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का प्रमुख विषय रहा। स्वामी रामदेव के अनुसार, इसमें देशभर की कई धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग भाग लेंगे। सम्मेलन में सनातन परंपरा, धार्मिक आस्थाओं और सामाजिक विषयों पर चर्चा होगी। सम्मेलन के दौरान सनातन देवी-देवताओं के कथित अपमान से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श के साथ रेगुलेशन पारित करने की योजना है। इससे जुड़े प्रस्ताव और उनकी रूपरेखा सम्मेलन में होने वाली चर्चा के बाद स्पष्ट हो सकेगी। पतंजलि योगपीठ में होने वाले इस आयोजन को लेकर रामदेव ने धार्मिक और सामाजिक संगठनों की भागीदारी पर जोर दिया। अब सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों की चर्चा और प्रस्तावित रेगुलेशन पर सभी की नजर रहेगी।

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