'सहमति से बने संबंध ब्रेकअप के बाद रेप नहीं':सुप्रीम कोर्ट बोला- हर टूटे रिश्ते को रेप केस में बदलना गलत; आरोपी बरी
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि व्यस्क युवक-युवती के बीच आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंधों को ब्रेकअप के बाद रेप नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने शादी का वादा करके रिलेशन बनाने के आरोप वाले मामले में एक व्यक्ति को आरोपों से मुक्त कर दिया। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने कहा कि प्रेम और आपसी सहमति वाले रिश्ते में बने संबंधों को ब्रेकअप के बाद अपराध नहीं बनाया जा सकता। हर टूटे रिश्ते को रेप का मामला बनाना गलत है। हालांकि, अगर शुरुआत से ही शादी का झूठा वादा करके या धोखे से सहमति हासिल की गई थी, तो मामला अलग होगा। ऐसे मामलों में यह देखना जरूरी है कि क्या सहमति वास्तव में धोखे पर आधारित थी। सुप्रीम कोर्ट की 5 प्रमुख टिप्पणियां… --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- अपराधियों में मौत का डर पैदा करना जरूरी, नहीं तो रेप जैसे अपराध रोकना मुश्किल सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में नाबालिगों से गैंगरेप की 3 घटनाओं पर कहा, “जब तक अपराधी के मन में मौत का डर नहीं होगा, तब तक ऐसे अपराध नहीं रुकेंगे।” सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा कि केवल चीजों को कागज पर लिखना पर्याप्त नहीं है, सख्त कार्रवाई करनी होगी। पूरी खबर पढ़ें…
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