अखिलेश ने आजम को 13 सीटों की लिस्ट दी:यहां पहले कांग्रेस कैंडिडेट उतारना चाह रही; रामपुर जेल के बरामदे में 60 मिनट बात हुई
रामपुर जिला जेल के बरामदे में अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात हुई। 60 मिनट में वेस्ट यूपी के सियासी समीकरण, कांग्रेस के साथ सीटों के बंटवारा, आजम के बाहर आने और उनके स्वास्थ्य पर चर्चा हुई। जेल से बाहर आने से पहले अखिलेश ने आजम खान को एक लिस्ट भी सौंपी। इसमें वेस्ट यूपी की 13 सीटों के नाम लिखे थे। ये वो सीटें हैं, जहां कांग्रेस अपने कोटे से प्रत्याशी उतारना चाहती है। आजम खान के परिवार के एक करीबी बताते हैं- अखिलेश चाहते हैं कि आजम की रजामंदी के बाद ही कांग्रेस को ग्रीन या रेड सिग्नल दिया जाए। अखिलेश और आजम के बीच किन मुद्दों पर क्या बातचीत हुई, सिलसिलेवार पढ़िए… यूपी के विधानसभा चुनाव से पहले सपा गठबंधन के सहयोगी दल के साथ सीटों का बंटवारा साफ कर देना चाहती है। कांग्रेस की तरफ से अखिलेश यादव को एक लिस्ट दी गई है। सोर्स के मुताबिक, इसमें पूरे यूपी में 140 सीटों का जिक्र है। इसमें 75 सीटों को नान निगेशिएबिल बताया है। यानी कांग्रेस हर हाल में इन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। इनमें पश्चिमी यूपी में रामपुर में मिलक और बिलासपुर, मुरादाबाद में कुंदरकी और देहात, अमरोहा में नौगांवा सादात, बरेली में कैंट, बरेली शहर, बदायूं की बिल्सी, सहारनपुर में नकुड़, सहारनपुर देहात, बेहट, रामपुर मनिहारन और गंगोह की सीट पर कांग्रेस ने दावा पेश किया है। जेल से बाहर आने के बाद अखिलेश यादव ने सहयोगी दल की ओर से लिस्ट सौंपे जाने और आजम खान से उस पर चर्चा के बारे में बताया। कहा कि आजम खान ने कुछ अहम सुझाव दिए हैं, जिन्हें नोट कर लिया है। इन सुझावों पर विचार किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत सभी 403 विधानसभा सीटों को लेकर हुई है। रामपुर और मुरादाबाद पर आजम खान का फोकस सूत्रों के मुताबिक, इस खास मुलाकात में आजम ने खासतौर पर मुरादाबाद और रामपुर के प्रत्याशियों पर चर्चा की। कुछ मौजूदा विधायकों की परफॉर्मेंस को लेकर भी दोनों के बीच बातचीत हुई। कुछ की सीट बदले जाने और कुछ नए कैंडिडेट उतारने को लेकर भी चर्चा हुई। हालांकि, ये कैंडिडेट कौन हैं, इसको लेकर अखिलेश ने पत्ते नहीं खोले हैं। लेकिन, पश्चिमी यूपी में आजम खान का लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव रहा है। रामपुर और मुरादाबाद की सीटों को लेकर उनके सुझाव को पहले भी अखिलेश यादव वेटेज देते रहे हैं। अब्दुल्ला किस भूमिका में रहेंगे, ये भी चर्चा हुई जिस वक्त अखिलेश और आजम के बीच बातचीत हो रही थी, आजम के बेटे अब्दुल्ला भी मौजूद थे। उनके जेल से बाहर आने की संभावना बन चुकी है। ऐसे में यह भी चर्चा हुई कि वह चुनाव में किस भूमिका में रहेंगे? क्योंकि अगर वो जेल से बाहर आ भी जाते हैं, तब भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। आजम इस वक्त 2 पैन कार्ड के मामले में सजा काट रहे हैं। उनके पैरोकारों ने हाईकोर्ट में अपील की हुई है। ऐसे में चर्चा यह भी हुई कि क्या वो जेल से बाहर आ सकते हैं? अगर ऐसी स्थिति बनती है, तो चुनाव में वह किन क्षेत्रों में क्या कामकाज देख सकते हैं? इस भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दीजिए- अखिलेश ने पूछा- स्वास्थ्य ठीक है आपका… मुलाकात के दौरान अखिलेश ने आजम से उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा। क्योंकि दिसंबर, 2025 की सर्दियों में अचानक आजम को सांस लेने में परेशानी हुई थी। जेल प्रशासन ने बैरक में डॉक्टर भेजे थे, लेकिन आजम ने इलाज करने से मना कर दिया था। फिलहाल आजम खान का जेल से बाहर आना मुश्किल लग रहा है, ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर सपा प्रमुख ने चिंता दिखाई। कांग्रेस की तरफ से और किन सीटों पर दावा किया गया, अब यह जान लीजिए रायबरेली, सहारनपुर, अमेठी की ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस लड़ना चाह रही दैनिक भास्कर से सपा के सूत्रों की जो बात हुई, उसमें सामने आया कि रायबरेली, अमेठी, सहारनपुर की ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस दावा कर रही है। कुछ ऐसी हैं, जहां कांग्रेस हर हाल में प्रत्याशी उतारना चाहती है। सहारनपुर की भी 5 सीटों पर दावेदारी पेश की है। इसके पीछे कारण है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी। इमरान मसूद ने भाजपा के कैंडिडेट को हराया था। इमरान मसूद पश्चिमी यूपी में कांग्रेस के इकलौते मुस्लिम सांसद हैं। 2022 के चुनाव में वह सपा के साथ थे। लेकिन, खुद इमरान भी अपने संसदीय क्षेत्र की 5 सीटों पर कांग्रेस के कैंडिडेट उतारना चाहते हैं। रायबरेली से राहुल गांधी और अमेठी से किशोरी लाल शर्मा सांसद हैं। सपा ने रायबरेली में 2022 के चुनाव में 6 में से 4 सीटें जीती थीं। भाजपा ने 2 सीटें जीती थीं, कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था। सपा ने बछरावां, सरेनी, हरचंदपुर और ऊंचाहार सीट पर जीत हासिल की थी। भाजपा सदर और सलोन सीट जीतने में कामयाब रही थी। वहीं, अमेठी की 4 सीटों में से 2 सपा ने और 2 भाजपा ने जीती थीं। अमेठी और गौरीगंज सपा ने जीती थी, जगदीशपुर और तिलोई भी भाजपा ने कब्जा किया था। ऊंचाहार से विधानसभा चुनाव जीते मनोज पांडेय पाला बदलकर भाजपा के साथ हो लिए और वह मंत्री बन गए। वहीं, अमेठी में गौरीगंज में सपा के टिकट पर जीते राकेश प्रताप सिंह भी अब औपचारिक तौर से भाजपा में शामिल हो चुके हैं। ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें - 'आजम 11 महीने बाद याद आए' सवाल पर भड़के अखिलेश, बोले- थोड़ी इज्जत दे दी तो सिर पर चढ़ गए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात की। जेल प्रशासन ने मुलाकात के लिए 45 मिनट का समय दिया था, लेकिन दोनों के बीच 1 घंटा 9 मिनट तक बातचीत हुई। मुलाकात के बाद अखिलेश ने कहा, “रामपुर, जिसके नाम में ही राम है, वहां रामराज्य की भावना को मार दिया गया है। रामराज्य की भावना को कुचला जा रहा है।” पढ़िए पूरी खबर…
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